
प्रमोद जैन खरगोन // कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा की अध्यक्षता में 18 नवंबर को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में टीएल बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में समय सीमा संबंधी प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्रीमती सोलंकी, संयुक्त कलेक्टर श्री सत्यनारायण दर्रे, डिप्टी कलेक्टर सुश्री पूर्वा मंडलोई, एसडीएम श्री बीएस कलेश एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायतों के सीईओ एवं नगरीय निकायों के सीएमओ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से उपस्थित थे।
बैठक में सर्वप्रथम सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की विभागावार विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान निर्देशित किया गया कि सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का तत्परता के साथ निराकरण किया जाए। जिससे राज्य स्तर पर जिले की ग्रेडिंग अच्छी बनी रहे। जिन विभागों द्वारा पिछले 01 सप्ताह में सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का निराकरण कर ’ए’ श्रेेणी की ग्रेडिंग हासिल की है, कलेक्टर श्री शर्मा ने उनकी सराहना की और कहा कि आगे भी ऐसी तत्परता के साथ कार्य करते रहे। कलेक्टर श्री शर्मा ने श्रम विभाग के अन्येष्ठि सहायता से संबंधित शिकायतों का निराकरण कर उनकी संख्या शुन्य करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार जननी सुरक्षा योजना के प्रकरणों में बजट उपलब्ध होने पर हितग्राहियों को शीघ्र राशि का भुगतान करने कहा गया। इस प्रकरण में बड़वाह के खण्ड चिकित्सा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सीएम हाउस एवं सीएम मॉनिट से प्राप्त शिकायतों के निराकरण की समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि इनका निराकरण प्राथमिकता के साथ करें। इसी प्रकार जन सुनवाई में प्राप्त शिकायतों का तत्परता के साथ निराकरण करने कहा गया। जनसुनवाई के प्रकरणों का त्वरित निराकरण नहीं होने पर उन्हें सीएम हेल्पलाइन में मर्ज किया जा रहा है। जिसके बाद उन प्रकरणों का संतुष्ठि के साथ निराकरण करना जरूरी होगा।
बैठक में रबी फसलों के लिए उर्वरक की उपलब्धता पर चर्चा के दौरान कलेक्टर श्री शर्मा ने उप संचालक कृषि को निर्देशित किया कि निजी उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की ड्यूटी लगाए। जिससे निजी विक्रेता उर्वरक विक्रय में गड़बड़ी न कर सके। इस दौरान बताया गया कि टेमला एवं गोगांवा में आज एनपीके उर्वरक 12ः32ः16 पर्याप्त मात्रा में पहुंच जाएगा। समर्थन मूल्य पर सोयाबीन की खरीदी की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 424 मेट्रिक टन सोयाबीन की खरीदी की जा चुकी है। इसमें से 402 मेट्रिक टन सोयाबीन का परिवहन कर गोदामों में पहुंचा दिया गया है। कलेक्टर श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सोयाबीन का गोदाम में परिवहन हो जाने के बाद संबंधित किसानों को शीघ्रता से भुगतान किया जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होना चाहिए।


