
टी-स्टेट न्यूज//झाबुआ से दौलत भावसार//
पिछले दिनों थांदला रेंज के अंतर्गत ग्राम गुवली मैं जंगल माफिया हूं और लकड़ी माफियाओं के साथ फॉरेस्ट विभाग के कर्मचारी और अधिकारियों की मिली भगत होने से होने के कारण पूरा सागवान का जंगल काट दिया गया है समाचार लिखे जाने तक सागवान की कटी हुई लड़कियां इस जंगल में पड़ी है फॉरेस्ट विभाग चार दिन के बाद भी उसे जपत करके नहीं ले गया
सूत्र बताते हैं कि ग्राम वासियों ने उस दिन दो आईसर वाहन में लकड़ी भरकर सागवान के मोटे-मोटे ढूंढ फॉरेस्ट विभाग को जपती के लिए पहुंचाए थे वह दोनो आईसर वाहन से भरे ट्रक की लकड़ी ग्राम वासियों के अनुसार फॉरेस्ट विभाग में जप्त नहीं कर गायब कर दी है उसकी जांच के मांग ग्राम वासी कर रहे हैं रेंजर हटीला का कहना है कि पत्रकार ने गलत समाचार छापा है जबकि पत्रकारने सागवान के जंगल काटने के प्रमाण फोटो और वीडियो सहित प्रकाशित किए हैं
डिप्टी रेंजर कोमल सिंह ग्राम वासियों को डरा धमका कर कहरहे डरा रहे हैं कि तुम जंगल काटने का समाचार और सूचना किसी को मत दो जंगल कट गया तो कट जाने दो या हालत झाबुआ जिले के फॉरेस्ट विभाग के थांदला रेंज रेंज में विद्यमान वर्तमान कर्मचारी और अधिकारियों की है झाबुआ में पदस्थ डीएफओ को ट्रेनिंग पर होने के कारण फॉरेस्ट विभाग लावारिस होने की स्थिति में है रक्षक ही बने भक्षक फॉरेस्ट विभाग में जबकि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एक पौधा मां के नाम लगाने का कार्यक्रम चला रहे है तो झाबुआ जिले का वन विभाग जंगल काटने में लगा है?
ग्राम गुवली मैं स्थित सागवान के जंगल काटने के बाद जंगल में समाचार लिखे जाने तक पड़ी लकड़ी फोटो में स्पष्ट दिखाई दे रही है
हमने फॉरेस्ट एसडीओ चौहान से उपरोक्त संबंध में मोबाइल से बात करने का प्रयास किया तो उनका मोबाइल अब स्विच स्टॉप की स्थिति में नजर आ रहा है तो दूसरी ओर थांदला में पदस्थ रेंजर हटीला का कहना है कि उपरोक्त जंगल वन सुरक्षा समिति के सदस्यों ने काटा है जबकि ग्राम वासियों का और वन सुरक्षा समितियां के सदस्यों का कहना है कि हमारे द्वारा यह जंगल नहीं काटा गया है हटीला का यह कथन भी जांच के दायरे में आना चाहिये ए?
सागवान के जंगल काटने के बाद जंगल में पड़ी हुई सागवान की


