
टी-स्टेट न्यूज//झाबुआ से दौलत भावसार//
पिछली बीती रात को लकड़ी माफिया और जंगल माफियाओं द्वारा ग्राम गवली का सागवानों का जंगल पूरा काट डाला उसके बाद भी फॉरेस्ट विभाग कुंभकरण निद्रा में सोया रहा बताया जाता है कि जंगल को सुरक्षित रखने वाले कुछ ग्राम वासियों ने फॉरेस्ट के अधिकारियों डिप्टी रेंजर रेंजर को गांव के पटेल राजू भूरिया द्वारा जब सूचना की गई तब फॉरेस्ट की टीम हरकत में आई है बताया जाता है कि समाचार लिखे जाने तक कीमती सागवान की कटी हुई लड़कियों को फॉरेस्ट विभाग ने अपने कब्जे में लेकर जप्त नहीं किया है आदि कटी हुई लड़कियां वही आज भी पड़ी हुई है
जहां देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संपूर्ण देश में एक पौधा मां के नाम लगाने का कार्यक्रम चला रहे हैं वही जंगल के रक्षक फॉरेस्ट विभाग जंगल का भक्षक बनाकर अपना प्रदर्शन करता नजर आ रहा है
सूत्र बताते हैं की समाचार लिखे जाने तक मात्र फॉरेस्ट विभाग में औपचारिकता करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर कुछ लकड़ी जप्त करने की बात कर रहा है
तो दूसरी ओर डिप्टी रेंजर ग्राम वासियों को जंगल काटने की सूचना किसी को भी मत बताओ कहता नजर आ रहा है हमारे प्रतिनिधि द्वारा प्रभारी डीएफओ झाबुआ से मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया परंतु उनका मोबाइल बंद था एसडीओ फॉरेस्ट चौहान का कहना है कि हमें जानकारी हो गई है हम सबको गिरफ्तार शीघ्र करके कार्रवाई कर रहे हैं परंतु इतना बड़ा जंगल सागवान का कट जाता है तो फॉरेस्ट विभाग जिनके जवाबदारी जंगल की रक्षा करने की है क्या कर रहा था यह यक्ष प्रश्न यहां पर उठाता है?


