
टी-स्टेट न्यूज//झाबुआ से दौलत भवसागर।/
भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष भानू भूरिया ने कांग्रेस और विपक्षी इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब भी विपक्ष जनता की अदालत में पराजित होता है, वह अपनी खींज और हताशा निकालने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर झूठे आरोप मढ़ने लगता है। चुनाव आयोग की हालिया बैठक और संयुक्त प्रेस वक्तव्य ने विपक्ष के सभी मनगढ़त दावों और दुर्भावनापूर्ण प्रोपेगेंडा की पूरी तरह हवा निकाल दी है।
विपक्ष की साजिश हुई नाकाम – जिलाध्यक्ष भानू भूरिया ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान से स्पष्ट हो चुका है कि देश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) सहित सभी प्रमुख निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्व-सम्मति से लिए गए है। विपक्ष द्वारा आयोग के भीतर ‘मतभेद’ का फैलाया जा रहा दावा पूरी तरह बेबुनियाद और कोरी कल्पना साबित हुआ है। इसके अलावा फॉर्म-6 के घोषणा-पत्र को माननीय सर्वोच्च न्यायालय पहले ही वैध ठहरा चुका है, जिससे संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की विपक्ष की साजिश फिर नाकाम हुई है।
आरोप लगाना कांग्रेस की फितरत बना – भानू भूरिया ने आरोप लगाया कि कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखे गए एक पत्र को लेकर भी भ्रम फैलाने की नाकाम कोशिश की गई,जबकि वह आयोग की किसी नीति या एसआईआर से संबंधित न होकर केवल एक अधिकारी की प्रतिनियुक्ति से जुड़ा प्रशासनिक मामला था। भूरिया ने कहा कि मनगढ़ंत रिपोर्टों को ढाल बनाकर देश के लोकतंत्र पर सवाल खड़े करना कांग्रेस की पुरानी फितरत बन चुकी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी दल लगातार ईवीएम को ‘ब्लैक बॉक्स’ बताना, न्यायपालिका पर विदेश में जाकर सवाल उठाना और सेना के शौर्य पर उंगली उठाने जैसी नकारात्मक राजनीति करते आ रहे है। भानु भूरिया ने मांग की कि चुनाव आयोग के स्पष्ट और कड़े रुख के बाद कांग्रेस नेतृत्व को देश की जनता और संवैधानिक संस्थाओं से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। फोटो 09 – भानू भूरिया, जिलाध्यक्ष भाजपा।


