3 करोड़ 33 लाख की लागत से बने छात्रावास में अभी कंप्यूटर, लैपटॉप, वॉशिंग मशीन और डी-फ्रिज भी नहीं

टी-स्टेट न्यूज//सन्नी माली//कुक्षी
धार जिले के निसरपुर ब्लॉक के लिंगवा में राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह शासकीय जनजातीय सीनियर बालक छात्रावास के नवीन भवन में सोमवार को प्रवेश समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र बघेल सहित भाजपा के जनप्रतिनिधि और स्थानीय पदाधिकारी मौजूद रहे। हालांकि प्रवेश समारोह के दौरान नवीन भवन का निरीक्षण करने पर कई व्यवस्थाएं अधूरी और खामियां सामने आने के बाद विद्यार्थियों को भवन में शिफ्ट करने का निर्णय फिलहाल टाल दिया गया।

बताया गया कि करीब 3 करोड़ 33 लाख रुपए की लागत से निर्मित छात्रावास भवन का प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा पूर्व में वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया जा चुका है। इसके बाद सोमवार को विद्यार्थियों के प्रवेश के लिए समारोह आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान वीरेंद्र बघेल ने नवीन छात्रावास भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान भवन की साफ-सफाई सहित कुछ अन्य व्यवस्थाओं में कमियां सामने आईं। नवीन भवन के फर्श पर गंदगी और शौचालय-बाथरूम की स्थिति देखकर भी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हुए। खास बात यह है कि जिस भवन में सोमवार को विद्यार्थियों को शिफ्ट किया जाना था, वह उपयोग में आने से पहले ही साफ-सफाई के अभाव में बदहाल नजर आया।
भवन की व्यवस्थाओं को लेकर बघेल ने संबंधित अधिकारियों से चर्चा की। इसके बाद उन्होंने धार में पदस्थ सहायक आयुक्त कार्य विभाग की पारुल जैन से फोन पर चर्चा कर भवन का पुनः निरीक्षण करवाने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक भवन में सामने आई खामियों को दूर करने के साथ आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो जातीं, तब तक विद्यार्थियों को नवीन भवन में शिफ्ट नहीं किया जाएगा। इस संबंध में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी हीरालाल निगवाल को भी जानकारी दी गई। उन्हें भी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद ही विद्यार्थियों को भवन में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए।
सुविधाएं कागज पर नहीं, धरातल पर भी हों
निरीक्षण के दौरान यह बात भी सामने आई कि छात्रावास में विद्यार्थियों के लिए आवश्यक कंप्यूटर, लैपटॉप, वॉशिंग मशीन, डी-फ्रिज सहित अन्य सामग्री अभी उपलब्ध नहीं है। इस पर वीरेंद्र बघेल ने कहा कि शासन द्वारा छात्रावास के लिए जो सुविधाएं स्वीकृत और उपलब्ध कराई गई हैं, उनका विद्यार्थियों को धरातल पर भी लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने इन आवश्यक सामग्री को जल्द उपलब्ध कराने के लिए प्रयास करने की बात कही। ऐसे में मुख्यमंत्री के वर्चुअल लोकार्पण के बाद आयोजित प्रवेश समारोह में विद्यार्थियों को नए भवन में प्रवेश तो नहीं मिल पाया, लेकिन निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि विभागीय पुनः निरीक्षण के बाद सामने आई कमियों को कितनी जल्द दूर किया जाता है और विद्यार्थियों को नवीन छात्रावास भवन में कब तक स्थानांतरित किया जाता है।


