
टी-स्टेट न्यूज//मन्दसौर (नरेंद्र सोनी)
अपराधियों के खिलाफ मंदसौर पुलिस की कार्रवाई लगातार व्यापक होती जा रही है। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के निर्देशन में जिले में एक साथ तीन अलग-अलग मोर्चों पर की गई कार्रवाई में साइबर ठगी, अंतर्राज्यीय नकबजनी और अवैध शराब तस्करी के नेटवर्क पर शिकंजा कसा गया है। एक ओर पुलिस ने करीब 11 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी और 100 से अधिक साइबर घटनाओं से जुड़े अंतर्राज्यीय गिरोह के छह आरोपियों को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया, वहीं पिपलियामंडी पुलिस ने मध्यप्रदेश और राजस्थान में सक्रिय दो शातिर नकबजनों को पकड़कर ₹5.62 लाख से अधिक का मशरूका बरामद किया। इसी क्रम में अफजलपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 200 पेटी अवैध देशी एवं मसाला शराब, कुल 1800 बल्क लीटर, तथा परिवहन में प्रयुक्त बोलेरो पिकअप जब्त की है। इन तीनों कार्रवाइयों में पुलिस की कार्यप्रणाली का अलग-अलग स्वरूप सामने आया। कहीं महीनों की तकनीकी पड़ताल और अंतर्राज्यीय दबिश के जरिए साइबर अपराधियों तक पहुंच बनाई गई, तो कहीं महज 48 घंटे में 100 से अधिक CCTV फुटेज खंगालकर नकबजनों को गिरफ्तार किया गया। वहीं अफजलपुर पुलिस ने मुखबिर सूचना पर तत्काल नाकाबंदी कर अवैध शराब की बड़ी खेप को पकड़ लिया।
11 करोड़ से अधिक की साइबर ठगी, 100 से ज्यादा घटनाओं के तार
शामगढ़ क्षेत्र की एक महिला से मैट्रीमोनियल वेबसाइट के जरिए साढ़े 7 लाख रुपये की ठगी के मामले की जांच शुरू हुई तो मंदसौर पुलिस एक बड़े अंतर्राज्यीय साइबर ठग गिरोह तक पहुंच गई। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह की गतिविधियों की पड़ताल शुरू की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गरोठ रामस्नेही मिश्रा, एएसपी सीतामऊ दिनेश प्रजापति के मार्गदर्शन तथा थाना शामगढ़ प्रभारी कपिल सौराष्ट्रीय के नेतृत्व में साइबर सेल और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब डेढ़ से दो माह तक तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसके बाद करीब 15 दिन तक अलग-अलग राज्यों में रहकर आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
जांच में प्रारंभिक तौर पर गिरोह द्वारा 11 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी तथा 100 से अधिक साइबर घटनाओं को अंजाम देने की जानकारी सामने आई। गिरोह द्वारा 150 से अधिक म्यूल बैंक खातों और म्यूल मोबाइल सिम का इस्तेमाल किया जाना भी सामने आया। पुलिस ने मामले में त्रिलोकी कुमार, शिवम गुप्ता, बबलू कुशवाह, गुंजन गुप्ता, शशि कुमार और टोनी कुमार को गिरफ्तार किया। आरोपियों से 22 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 30 मोबाइल सिम और 5 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। विभिन्न बैंक खातों में जमा 8 लाख रुपये से अधिक की राशि फ्रिज कराई गई है। आरोपी मैट्रीमोनियल प्लेटफॉर्म पर लोगों से संपर्क कर स्वयं को NRI बताते थे। विश्वास में लेने के बाद विदेशी गिफ्ट, कस्टम ड्यूटी, प्रोसेसिंग फीस और पार्सल रोक लिए जाने जैसे बहानों से रकम वसूलते थे।
48 घंटे में 100 से अधिक CCTV फुटेज, दो अंतर्राज्यीय नकबजन गिरफ्त में पिपलियामंडी क्षेत्र के ग्राम बालागुढ़ा और उमरिया में सुनसान मकानों के ताले तोड़कर हुई चोरी के बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की। महज 48 घंटे में 100 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले गए और मुखबिर तंत्र के साथ साइबर सेल की तकनीकी सहायता से संदिग्धों की पहचान की गई। जांच के बाद राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के निम्बाहेड़ा निवासी मिथुन बाबू उर्फ अल्ताफ तथा प्रतापगढ़ जिले के छोटी सादड़ी क्षेत्र निवासी इजराईल उर्फ कालू मोहम्मद को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार ICJS में आपराधिक रिकॉर्ड की जांच तथा पूछताछ में दोनों आरोपियों के मध्यप्रदेश और राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में संपत्ति संबंधी अपराधों से जुड़े होने की जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक दोनों ने अलग-अलग स्थानों पर 15 से 20 से अधिक चोरी/नकबजनी की वारदातों को अंजाम दिया है। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण एवं नकदी सहित ₹4,62,150 तथा वारदात में प्रयुक्त बिना नंबर की होंडा शाइन मोटरसाइकिल, जिसकी कीमत करीब ₹1 लाख, बरामद की गई। कुल ₹5,62,150 का मशरूका जब्त किया गया। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी दिन के समय मोटरसाइकिल से गांवों में घूमकर सुनसान मकानों की रेकी करते थे। एक आरोपी मकान का ताला तोड़कर अंदर जाता, जबकि दूसरा बाहर मोटरसाइकिल पर रहकर निगरानी करता था। पुलिस के अनुसार दोनों करीब 15 मिनट में वारदात कर फरार हो जाते थे।
इसी कड़ी में अफजलपुर पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 200 पेटी देशी एवं मसाला शराब से भरी बोलेरो पिकअप जब्त की। जब्त शराब की कुल मात्रा 1800 बल्क लीटर तथा अनुमानित कीमत ₹10 लाख बताई गई है। परिवहन में प्रयुक्त बोलेरो पिकअप की कीमत करीब ₹6 लाख है। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के निर्देशन में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तेरसिंह बघेल तथा एसडीओपी मंदसौर ग्रामीण जितेन्द्र भास्कर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अफजलपुर उपनिरीक्षक विकास गेहलोत की टीम ने मुखबिर सूचना पर तत्काल कार्रवाई की।
28 सितंबर को पुलिस ने सूचना के आधार पर नाकाबंदी की। बोलेरो पिकअप को रोकने का प्रयास किया गया तो चालक वाहन को नई आबादी अफजलपुर की ओर मोड़कर भागने लगा। पीछा करने पर रास्ता बंद होने के कारण चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने वाहन क्रमांक MP 70 G 0315 की तलाशी ली तो उसमें 100 पेटी देशी मसाला शराब और 100 पेटी देशी प्लेन शराब, कुल 200 पेटी एवं 1800 बल्क लीटर शराब मिली। पुलिस ने कुल करीब ₹16 लाख का मशरूका जब्त कर अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। आरोपी की तलाश तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जारी है।
तीन कार्रवाइयां, अलग-अलग तरीके—एक ही रणनीति
मंदसौर पुलिस की इन तीन कार्रवाइयों में अपराध की प्रकृति भले ही अलग रही, लेकिन जांच और कार्रवाई का फोकस तकनीक, सूचना तंत्र और त्वरित पुलिसिंग पर दिखाई दिया। साइबर मामले में महीनों की तकनीकी पड़ताल के बाद अलग-अलग राज्यों में दबिश देकर गिरोह तक पहुंच बनाई गई। पिपलियामंडी में CCTV और तकनीकी साक्ष्यों ने 48 घंटे के भीतर नकबजनों तक पहुंचने में मदद की, जबकि अफजलपुर में मुखबिर सूचना पर तत्काल नाकाबंदी कर शराब की बड़ी खेप को पकड़ा गया। इन कार्रवाइयों से यह भी सामने आया कि मंदसौर पुलिस ने अपराधियों की गतिविधियों को केवल जिले की सीमाओं तक सीमित मानकर जांच नहीं की, बल्कि अंतर्राज्यीय कड़ियों और तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया।
टीमों की भूमिका रही अहम
शामगढ़ साइबर ठगी प्रकरण में थाना प्रभारी कपिल सौराष्ट्रीय, शैलेन्द्र सिंह कनेश, ओपी राठौर, सत्येन्द्र सैनी सहित साइबर सेल एवं थाना शामगढ़ की टीम की भूमिका रही। पिपलियामंडी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह इवने, उपनिरीक्षक रितेश डामोर, उपनिरीक्षक जया भारद्वाज सहित थाना पुलिस एवं सहयोगी टीम ने कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अफजलपुर में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक विकास गेहलोत एवं अफजलपुर पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अपराध का तरीका बदला तो पुलिसिंग भी बदली
मंदसौर पुलिस की इन लगातार कार्रवाइयों में अपराध के अलग-अलग स्वरूपों के खिलाफ अलग-अलग रणनीति दिखाई दी—साइबर अपराध में तकनीकी विश्लेषण और अंतर्राज्यीय दबिश, नकबजनी में CCTV एवं मैदानी सूचना तंत्र और अवैध शराब तस्करी में मुखबिर सूचना के आधार पर तत्काल कार्रवाई। तीनों कार्रवाई का साझा पक्ष पुलिस की लगातार मॉनिटरिंग और अपराधियों तक पहुंच बनाने के लिए तकनीक एवं मैदानी पुलिसिंग का संयोजन रहा।


