
टी-स्टेट न्यूज//विश्वजीत सेन बाकानेर//
डोल ग्यारस पर्व पर विभिन्न मंदिरों के डोले निकले महीलाओं ने श्रद्धा पूर्वक पूजा अर्चना की। मंगलवार की शाम बाकानेर के कृष्ण मंदिर,राम मंदिर,शंकर मंदिर सहित अन्य मंदिरों के डोले शंकर मंदिर प्रांगण में एकत्रित हुए, पूजा अर्चना के बाद परम्परागत मार्ग से घटवाल नदी पर ले जाया गया जहाँ जलविहार के पश्चात पुनः यथा स्थान लाया गया।
डोल ग्यारस को परवर्तिनी एकादशी एवं जल झुलनी एकादशी भी कहा जाता है मान्यता है कि चातुर्मास में क्षीरसागर में योगनिद्रा मे भगवान विष्णु इसी दिन करवट बदलते है इसीलिए इसे परिवर्तनिय एकादशी कहते है इस दिन व्रत करने से यज्ञ के समान फल और पापों का नाश माना जाता है तथा कहा जाता है की भगवान श्रीकृष्ण जन्म के 18 वें दिन माता यशोदा ने उनका जलपूजन(जलवाय पुजन) सरोवर में किया था इसलिये इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के डोले को जलविहार करवाया जाता है।
इसलिये डोल ग्यारस को जल झुलनी एकादशी भी कहा जाता है
पर्व के चलते ग्राम पंचायत बाकानेर द्वारा पेयजल, सफाई और लाइटिंग की पर्याप्त व्यवस्था की तथा सुरक्षा की दृष्टि से चौकी प्रभारी श्री मनोज कुमार पाटीदार की टीम मुस्तैद रही।


