
टी-स्टेट न्यूज//मंदसौर: ( नरेंद्र सोनी )
जिले के किसानों ने भरी हुंकार किसानों ने सहकारिता विभाग और कृषि उपज मंडियों में लंबे समय से लंबित चुनावों को तत्काल संपन्न कराने व व्यवस्था को सुधारने की मांग को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। क्षेत्र के समस्त किसानों द्वारा संयुक्त रूप से हस्ताक्षर अभियान चलाया गया जिसमें एक ज्ञापन माननीय आयुक्त एवं सहकारिता पंजीयक, प्रमुख सचिव (सहकारिता एवं कृषि विभाग) तथा माननीय कृषि मंत्री, मध्य प्रदेश शासन को प्रेषित किया जाएगा।
ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बहाल करते हुए चुनाव की तिथियों की घोषणा नहीं की गई, और मंडियों व सोसायटी में खाद की व्यवस्था को नहीं सुधारा गया तो एक बड़े आंदोलन की तैयारी प्रदेश स्तर पर की जाएगी। कार्यक्रम की पुरी जानकारी सांझा करते हुए धर्मेंद्र सिंह सिसौदिया व विरेन्द्र सिंह राठौर ने संयुक्त रूप से बताया कि सहकारी संस्थाओं और कृषि उपज मंडियों के चुनाव लंबे समय से अटकाए गए हैं, जिन्हें बिना किसी और विलंब के तुरंत कराए जाए।
वार्षिक साधारण सभाओं का पूर्ण बहिष्कार: किसानों ने एकमत होकर यह निर्णय लिया है कि जब तक चुनाव संपन्न नहीं होते और किसानों के लोकतांत्रिक अधिकार सुरक्षित नहीं किए जाते, तब तक सहकारी संस्थाओं और समितियों की किसी भी वार्षिक साधारण सभा में कोई भी किसान शामिल नहीं होगा और इन सभाओं का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा।
कु विरेन्द्र सिंह राठौड़ मजेसरी ने किसानों के प्रमुख समस्या खाद बीज और कृषि संकट को लेकर पक्ष रखा ।क्षेत्र में वर्तमान में खाद और अन्य कृषि संबंधी आवश्यक सामग्रियों की भारी किल्लत और कुप्रबंधन से किसान त्रस्त हैं। किसानों का आरोप है कि सरकारी संस्थाओं में व्याप्त अनियमितताओं के कारण उन्हें समय पर खाद और उर्वरक नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे उनकी फसलें और आजीविका संकट में पड़ गई हैं।
ई टोकन और सिमित खाद से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़रहा है ।
बाबुलाल टांक जनपद प्रतिनिधि ने क्षेत्र के किसानों से स्पष्ट कर दिया है कि यदि शासन और प्रशासन ने उनकी इन जायज मांगों पर शीघ्र ही सकारात्मक संज्ञान नहीं लिया, तो वे बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
किसान यशवंत जांगिड़ ने भी कहा कि कृषि प्रधान देश में सहकारिता के चुनाव न होना किसानों के अधिकारों का हनन है, इसके खिलाफ आंदोलन करना पड़ा तो भी पिछे नहीं हटेंगे।
मंदसौर विधानसभा क्षेत्र में प्रत्येक गांव से हस्ताक्षर अभियान कार्यक्रम जारी है।
पलासिया,खोडाना, खजुरिया सारंग, बेहपुर,नान्दवेल सहित बड़ी संख्या में किसानों ने सहकारी समिति की वार्षिक बैठक के बहिष्कार की शपथ ली।
सभी का आभार लक्की बना चांदाखेडी ने व्यक्त किया।


