
टी-स्टेट न्यूज//झाबुआ से दौलत भावसार//
झाबुआ नगर पालिका परिषद द्वारा जनहित की नीति को त्याग कर अब अपना घर भरने की स्वहित नीति अपना लि जिसके परिणाम स्वरूप मनमर्जी तनाशय पूर्ण निर्णय परिषद द्वारा किए जा रहे हैं
नगर में जन चर्चा यह है कि एक ही एजेंसी के द्वारा जांच और निरीक्षण करवाने के बाद रघुनंदन कंपलेक्स और तेरा दुकानों को डिस्मेंटल करने का निर्णय परिषद द्वारा किया गया था सभी व्यापारियों को नोटिस भी दिए गए थे परंतु तेरा दुकान तो डिस्मेंटल कर दी गई परंतु रघुनंदन परिसर की चोपन दुकानों को परिषद द्वारा रिपेयरिंग मोड पर डाल दिया गया बताया जाता है कि इस मोड को लाने के पीछे परिषद द्वारा करोड़ों रुपए व्यापारियों से वसूल लिए गए तब जाकर परिषद में यह मोड लाया गया
पीड़ित तेरा व्यापारियों का कहना है कि नगर पालिका परिषद ने यह पक्षपात हमारे साथ क्यों किया तेरा दुकानों को भी रिपेयरिंग मोड पर लाकर बचाया जा सकता था सूत्र यह बताते हैं की रघुनंदन कंपलेक्स के व्यापारियों से बड़े दुकानदारों से चार-चार एवं 8 लाख वसूली का डील तय किया गया इस प्रकार या राशि 3 करोड़ से ऊपर की बताई जा रही है इस प्रस्ताव के लाने के पीछे करोड़ों का भ्रष्टाचार वर्तमान परिषद ने कर दिया
++नगर पालिका परिषद जनहित के प्रस्ताव को क्यों बदल रही है++
पूर्व परिषदों द्वारा सर्वसाधारण जनता और गरीब जनता को सुविधा उपलब्ध करने के नाम पर स्थानीय टाउन हॉल का निर्माण कराया गया था बताया जाता है कि लंबे वर्षों तक जनता को नॉमिनल रेंट पर परिषद टाउन हॉल उपलब्ध कराकर उनके सामाजिक धार्मिक और निजी कार्य में कार्यक्रमों को संपन्न करने का अवसर प्रदान करती थी
वर्तमान में टाउन हॉल को पूंजीपतियों के हवाले नगर पालिका परिषद करते हुए लाखों रुपए का भ्रष्टाचार कर उसे लीजो पर पूंजीपतियों को स्वीकृत कर दिया गया है जनहित की भावनाओं का सर्वदा यह अपमान जिला प्रशासन और राज्य शासन कोइ स दिशा में पूर्व और वर्तमान परिषदों के प्रस्तावों को जांच कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना चाहिए जनता की सेवा करने के बजाय जनता से पैसा लूटने का माध्यम वर्तमान परिषद ने अपना लिया
++पुराने नगर पालिका कार्यालय को भी पूंजीपतियों को बेचने की तैयारी++
नगर में जनता के बीच यह भी जन चर्चा चल पड़ी है की वर्तमान परिषद पुराने नगर पालिका कार्यालय को भी पूंजीपतियों के हवाले शीघ्र करने की तैयारी करते दिखाई दे रही है इसी प्रकार नगर पालिका आधिपत्य के महत्वपूर्ण जमीनों और संपत्तियों को भी पूंजी पत्तियों को बेचने की तैयारी वर्तमान परिषद करते दिखाई दे रही है
++वर्तमान परिषद के निर्णय के खिलाफ शीघ्र जनहित याचिका लाने की तैयारी++
झाबुआ नगर के व्यापारी वर्ग से लगाकर नागरिकों में वर्तमान परिषद के जन विरोधी निर्णय के खिलाफ न्यायालय में याचिका लाने की तैयारी में जनता सक्रिय नजर आती नजर आ रही है बताया जाता है कि नगर पालिका के जन विरोधी नीतियों के चलते झाबुआ गोपाल कॉलोनी स्थित मंगल भवन उत्कृष्ट मैदान पर निर्मित सामुदायिक भवन आदि को भी पूंजीपतियों को बेचने की तैयारी चल रही है नगर के कांजी हाउस को पहले ही परिषद द्वारा बेच दिया गया है बहादुर सागर तालाब जो राजशाही के समय से जनता जनार्दन के लिए घाटों का निर्माण किया गया था उन घाटों को मिट्टी डालकर दबा दिया गया और उसे स्थान को भी अब परिषद बेचने की तैयारी पूंजीपतियों के लिए कर रही है
वर्ष 2005 में अंबे माता मंदिर के पास मोगली गार्डन का निर्माण कर इसका लोकार्पण तत्कालीन परिषद के अध्यक्ष पर्वत मकवाना उपाध्यक्ष दौलत भावसार ने तत्कालीन प्रभारी मंत्री जो समय भी प्रभारी मंत्री झाबुआ के थे कुंवर विजय शाह से लोकार्पण करवाया गया था उसे समय के शिलालेख को निर्दलीय पार्षद ने उखाड़ कर तोड़फोड़ दिया है उसके खिलाफ भी परिषद द्वारा आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है जो जनता के बीच में जन चर्चा का विषय है वार्ड क्रमांक 1 के रहने वाले नागरिकों की मांग है की बहादुर सागर तालाब के राजा के समय बने घाटों को पुन मूल स्वरूप में मिट्टी हटाकर लाया जाए
++और अंत में++
झाबुआ नगर में यह चर्चा
जन चर्चा का स्वरूप लेती जा रही है की झाबुआ नगर पालिका परिषद व्यापारियों के दुकानों की लिज के नाम पर कब तक लूट मचाती रहेगी बस स्टैंड झाबुआ से लगी हुई फौजी होटल वाली लाइन के व्यापारियों से नगर पालिका परिषद के एक पदाधिकारी द्वारा व्यापारियों से 5 लख रुपए वसूल लिए गए परंतु समाचार लिखे जाने तक ना था उनके लीज बढ़ाई गई और नहीं 5 लख रुपए की कोई रसीद नहीं दी गई जिसके चलते वहां के व्यापारी हैरान और परेशान हो रहे हैं धन बिपाशा की प्राप्ति के चक्कर में ना तो भाजपा के पार्षद और नहीं कांग्रेस के पार्षद भ्रष्टाचारों के खिलाफ अपना मुंह नहीं खोल रहे हैं क्योंकि वह भी इस भ्रष्टाचार में इन पदाधिकारी के साथ शामिल हो चुके हैं जनता इन पार्षदों का भी तमाशा चुपचाप देख रही है समय के इंतजार में आगे क्या होगायह जनता आने वाले समय में इन सबको बताएगी,?


